जन सुराज
जनता के सुंदर राज के लिए बिहार के बदलाव के लिए
- शिक्षा व्यवस्था
- बेख़ौफ़ अपराधी
- बेरोज़गारी
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Jansuraj
जन सुराज: एक समृद्ध बिहार बनाने की परिकल्पना
- पलायन
- भ्रष्टाचार
- ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था
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देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार में बदलाव लाना है, मिलकर नया बिहार बनाना है
हर घर दस्तक - अब जाना है बदहाली से बदलाव तक..!
आज भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या 50 में 'घर-घर दस्तक' कार्यक्रम के तहत स्थानीय आमजनों से मुलाकात की। इस दौरान जिस आत्मीयता और स्नेह से आमजनों ने स्वागत किया, वह इस बात का संकेत है कि भागलपुर अब बदलाव चाहता है।
बरसों से उपेक्षा और बदहाली की मार झेलता यह ऐतिहासिक शहर अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, प्रगति की मिसाल बनना चाहता है। अब सिर्फ़ वादा नहीं, व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन चाहिए।
जन सुराज की लड़ाई विकास को वंशवाद से, नीति को निज़ी स्वार्थ से और जन-जन की आवाज को राजनीतिक जुमलेबाजी से मुक्त करने की ही है। इसके लिए आप सभी का साथ, सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद चाहिए।
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Dr. Bikash Pandey
जन सुराज के अभियान
पदयात्रा
पदयात्रा एक ऐसा सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत उद्देश्य से किया गया पैदल मार्च होता है, जिसमें व्यक्ति या समूह लंबी दूरी तक पैदल चलते हैं। भारत में पदयात्राओं का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रहा है।
यूथ क्लब
यूथ क्लब (Youth Club) का उद्देश्य होता है युवाओं को एकजुट करके उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना। यह एक ऐसा संगठन या समूह होता है जिसमें युवाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, शिक्षा, स्वच्छता, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
संगठन
"संगठन" का अर्थ है – एक समूह, जो किसी साझा उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठित रूप से कार्य करता है। यह किसी भी क्षेत्र में हो सकता है – सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षणिक या व्यापारिक।
बिहार बदलेगा तो भागलपुर के लिए भी बदलाव सुनिश्चित होगा...
बदलाव का अब ये है रास्ता,
हर बच्चे के हाथ में बस्ता।
243 सीटों पर चली है हवा,
जन सुराज लाएगा नया सवेरा अब की दफ़ा!
बिहार के समग्र विकास का एकमात्र रास्ता सुराज है, ऐसा सुराज जो किसी व्यक्ति या दल का न होकर, जनता का हो। समाज के समग्र विकास के लिए ऐसी ही सोच महात्मा गांधी भी रखते थे। गांधी के इसी विचार से प्रेरित होकर जन सुराज की परिकल्पना की गई है। जन सुराज की इस परिकल्पना में सभी वर्गों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं का ध्यान रखा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा की वह जनता के मानदंडों पर खरा उतरे। यह नीति-निर्धारण और उसके क्रियान्वयन में समाज के अंतिम व्यक्ति की न सिर्फ चिंता करेगा बल्कि उन्हें इसमें भागीदार भी बनाएगा।
लोकतंत्र में राजनीतिक दल या मंच समाज की बेहतरी के लिए लोगों के सामूहिक प्रयास करने का जरिया होते हैं। इसी दिशा में जन सुराज एक ऐसे राजनीतिक मंच की परिकल्पना है, जो लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार बिहार को विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का अवसर प्रदान करे और इससे जुड़ने वाले लोग ही यह निर्णय करें कि एक नया राजनीतिक दल बनाया जाए या नहीं। अगर बनाया जाए तो उसका नाम क्या हो, उसका संविधान क्या हो, उस दल की प्राथमिकताएं क्या हों और किस व्यक्ति को कौन सी जिम्मेदारी मिले? सभी विषयों पर निर्णय का अधिकार किसी एक व्यक्ति या परिवार का न होकर, सभी लोगों का हो।
बिहार की आवाज जन सुराज
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